बक्सर। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम कोड के विरोध में गुरुवार को बक्सर में कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया।

केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत अखिल भारतीय आम हड़ताल के समर्थन में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) के बैनर तले कर्मचारियों ने ज्योति चौक पर धरना-प्रदर्शन किया और बाद में पुलिस चौकी तक मार्च निकाला।

धरना स्थल पर जुटे कर्मचारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने “मजदूर विरोधी श्रम कोड रद्द करो”, “44 पुराने श्रम कानून बहाल करो”, “न्यूनतम मजदूरी में कटौती बंद करो”, “यूनियन बनाने के अधिकार पर हमला बंद करो”, “सरकारी संपत्तियों का निजीकरण बंद करो” और “एनपीएस-यूपीएस नहीं, ओपीएस बहाल करो” जैसे नारे लगाए।

साथ ही रसोइया, आशा एवं आंगनबाड़ी कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व महासंघ के राज्य सचिव लवकुश सिंह, जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश कुमार और उपाध्यक्ष जयप्रकाश कुमार ने किया। सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव लवकुश सिंह ने कहा कि देश का मजदूर, कर्मचारी और किसान वर्ग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल अचानक नहीं, बल्कि पिछले एक दशक से श्रमिक हितों पर हो रहे हमलों के खिलाफ संगठित आंदोलन का हिस्सा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार के नाम पर श्रम कानूनों में बदलाव कर मजदूरों के अधिकारों में कटौती की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर चिकित्सा संघ के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार रज्जक, सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव उमाशंकर मिश्र, वन विभाग के जिला सचिव जगदम्बा पासवान, अध्यक्ष हरे राम राजभर, पशु टीका कर्मी संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार ‘राकेश’ समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

