नशे की गिरफ्त से आज़ादी की पहल: पटना में ‘श्वेतांक नशा मुक्ति केंद्र’ बना सहारा, आधुनिक इलाज व काउंसलिंग से नई ज़िंदगी की राह।

पटना: नशे की बढ़ती समस्या के बीच लोगों को नई उम्मीद देने के उद्देश्य से पटना के नौबतपुर रोड स्थित बसंत चौक के पास संचालित श्वेतांक नशा मुक्ति केंद्र फाउंडेशन प्रभावी पहल के रूप में सामने आया है।

यह केंद्र नशा मुक्ति, रिहैब, भर्ती एवं मानसिक रोगों के इलाज की समग्र सुविधा उपलब्ध करा रहा है, जहां शराब, गांजा, भांग, चरस, अफीम, ब्राउन शुगर और इंजेक्शन जैसे विभिन्न प्रकार के नशों से पीड़ित मरीजों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किया जाता है।

केंद्र में पुरुष एवं महिलाओं दोनों के लिए भर्ती की सुविधा उपलब्ध है। खास बात यह है कि इलाज से डरने वाले मरीजों को घर से लाने की भी व्यवस्था की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इलाज पहुंच सके। यहां मरीजों के रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था के साथ 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं मनोचिकित्सकों द्वारा नियमित जांच के साथ-साथ प्रशिक्षित काउंसलरों की मदद से मरीजों का मानसिक और व्यवहारिक उपचार किया जाता है। योग, ध्यान, व्यायाम और इंडोर गेम्स के माध्यम से मरीजों को सकारात्मक माहौल प्रदान किया जाता है, जिससे वे धीरे-धीरे नशे की लत से बाहर निकल सकें।

केंद्र में नशा छोड़ने के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक लक्षणों जैसे बेचैनी, नींद की कमी, दर्द, घबराहट आदि का भी इलाज किया जाता है। साथ ही स्मैक, हेरोइन, ब्राउन शुगर और शराब छोड़ने वालों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा और निकोटिन पैच जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं। नशे की पहचान के लिए पेशाब जांच किट की सुविधा भी दी जा रही है।

संस्था का मानना है कि नशा कोई अपराध नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी है, जिसे सहानुभूति और सही इलाज से ठीक किया जा सकता है। ऐसे में समाज के हर वर्ग को आगे आकर नशे से जूझ रहे लोगों की मदद करनी चाहिए, ताकि उन्हें एक नई और बेहतर जिंदगी मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *