उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में शुक्रवार की अहले सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने बक्सर के दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

बलिया-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर फेफना और चितबड़ागांव के बीच स्थित टोस नदी पुल पर कोयला लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नदी में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

इस हादसे में बक्सर जिले के लक्ष्मण चक्की निवासी 25 वर्षीय पंकज यादव, पिता छोटक यादव, की मौके पर ही मौत हो गई। पंकज ट्रक पर खलासी के रूप में कार्य कर रहा था। वहीं सेमरी निवासी 30 वर्षीय चालक लाऊ खरवार, पिता रामकरण खरवार, गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएचयू वाराणसी रेफर किया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोयला लदा ट्रक चितबड़ागांव से फेफना की ओर जा रहा था। इसी दौरान टोस नदी पुल पर अचानक चालक का नियंत्रण ट्रक से हट गया। तेज रफ्तार ट्रक पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नीचे नदी में जा गिरा। हादसे के समय पुल पर जोरदार आवाज गूंजी, जिसे सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। नीचे नदी में गिरे ट्रक का भयावह दृश्य देखकर हर कोई सन्न रह गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य के लिए जेसीबी मशीन और गैस कटर की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद ट्रक में फंसे पंकज यादव के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गंभीर रूप से घायल चालक लाऊ खरवार को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया। वहां उनका इलाज जारी है।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुल पर भारी संख्या में ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जुट गई। घटना की भयावहता को देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बक्सर के लिए यह हादसा गहरा दुख लेकर आया है, जहां एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहा है।

