बक्सर | नगर परिषद क्षेत्र में खुले पड़े नालों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के कई प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना ढक्कन के नाले लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

नगर परिषद कार्यालय के बगल में खुला नाला दे रहा खतरे का संकेत।
नगर परिषद कार्यालय के ठीक दाहिने बगल, बैंक ऑफ इंडिया एटीएम के सामने स्थित खुला नाला राहगीरों और ग्राहकों के लिए जोखिम बना हुआ है। दिनभर यहां लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन नाले पर स्लैब या ढक्कन नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शाम के समय रोशनी कम होने पर खतरा और बढ़ जाता है।

पुस्तकालय रोड के मोड़ पर हादसे की आशंका
शहर के व्यस्त पुस्तकालय रोड पर ठीक मोड़ के पास भी नाला खुला पड़ा है। सड़क संकरी होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन खो देते हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि कई बार लोग गिरते-गिरते बचे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बक्सर होटल के सामने जानलेवा हालात
बक्सर होटल के सामने मुख्य मार्ग पर भी नाला खुला होने से स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां बाहर से आने वाले यात्रियों की भीड़ रहती है। खुले नाले में गंदा पानी जमा रहने से न सिर्फ दुर्घटना का खतरा है, बल्कि दुर्गंध और मच्छरों की बढ़ती संख्या से बीमारियों का डर भी बना हुआ है।

संक्रमण और दुर्घटना दोनों का खतरा
खुले नालों में जमा कचरा और गंदा पानी डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। वहीं बारिश के दौरान नाले पानी से भर जाते हैं, जिससे सड़क और नाले की पहचान मुश्किल हो जाती है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गों के गिरने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों की मांग
नागरिकों ने नगर परिषद से मांग की है कि शहर के सभी मुख्य और सहायक नालों पर शीघ्र स्लैब डालकर उन्हें ढंका जाए। साथ ही नियमित सफाई और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।फिलहाल, सवाल यही है कि आखिर कब तक शहरवासी इस खतरे के साए में जीवन यापन करने को मजबूर रहेंगे ?
प्रशासन को चाहिए कि जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करे।

