बक्सर। पढ़ाई के लिए बिहार से हरियाणा के कुरुक्षेत्र गई बक्सर की बेटी दीक्षा दुबे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

घटना के बाद जहां हॉस्टल प्रबंधन इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं दीक्षा के परिजन इस दावे को मानने को तैयार नहीं हैं। परिवार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत के वास्तविक कारण सामने आने चाहिए।

जानकारी के अनुसार, दीक्षा दुबे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए कुरुक्षेत्र स्थित एक संस्थान में पढ़ाई कर रही थी। हाल के दिनों में संस्थान में छात्रों की मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं में तनाव और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसी बीच दीक्षा की मौत की खबर ने परिवार और पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
परिजनों का आरोप है कि दीक्षा किसी भी तरह के मानसिक दबाव में नहीं थी और वह लगातार परिवार के संपर्क में रहती थी। ऐसे में उसकी मौत को सीधे आत्महत्या बताना कई सवाल खड़े करता है। परिवार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

शनिवार को दीक्षा का पार्थिव शरीर उसके गृह जिला बक्सर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में गांव के लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इसके बाद शहर के चरित्रवन घाट पर पूरे गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

इस दौरान बक्सर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय भी पहुंचे और उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
अंतिम विदाई के दौरान गांव और आसपास के इलाके के लोगों की आंखें नम थीं। लोगों ने कहा कि एक होनहार बेटी की असमय मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। वहीं परिजन अब भी न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं और चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए।

