बक्सर। बुधवार को बिहार सेंट्रल स्कूल के प्रांगण में एक प्रेरणादायक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्साह, गर्व और खुशियों से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रबंधन के सचिव सरोज सिंह ने कहा कि विद्यालय में हर वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है। छात्र-छात्राएं इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि यह उनके परिश्रम, लगन और अनुशासन का प्रतिफल होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं।

उन्होंने कहा कि यह केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का क्षण होता है। शिक्षकों के मार्गदर्शन, समर्पण और विद्यार्थियों की मेहनत का ही परिणाम है कि वे इस मुकाम तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को प्रतियोगी युग के अनुरूप तैयार करना और उनकी अध्ययन क्षमता को मजबूत बनाना है।

सरोज सिंह ने एक महत्वपूर्ण बात पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब अंतिम पंक्ति में खड़ा छात्र भी आगे बढ़कर प्रथम स्थान प्राप्त करे। यही विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल प्रमाण पत्रों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके आचार-विचार और सामाजिक व्यवहार में भी झलकनी चाहिए।

सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में नर्सरी के अविरल पांडे, प्रेप वर्ग की सृष्टि श्रीवास्तव, कक्षा 1 के अंशु एवं अपराजिता, कक्षा 2 के अर्नव आनंद, कक्षा 3 के ऋषभ यादव और प्रताप सिंह, कक्षा 4 के अंकुश आनंद एवं वैष्णवी गुप्ता, कक्षा 5 के नवनीत कुमार राय और विक्रांत सिंह, कक्षा 6 की कुमारी अर्चना एवं वैष्णवी कुमारी, कक्षा 7 की अनामिका मिश्रा और सुमन वर्मा, कक्षा 8 की राजनंदनी एवं किशन राज, तथा कक्षा 9 के नीरज दुबे और वरदान पांडे शामिल रहे।

सम्मानित विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पढ़ाई में सफलता का सबसे बड़ा सूत्र स्वाध्याय है। नियमित अभ्यास, मानसिक धैर्य और अनुशासन से ही बेहतर प्रदर्शन संभव है। समारोह ने यह संदेश दिया कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी विद्यार्थी सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है।

