बक्सर। 10 मार्च को मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

इसी क्रम में शहर स्थित ध्वनि एवं प्रकाश (लाइट एंड साउंड) केंद्र का व्यापक सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार कार्य तेज गति से जारी है।

करीब 85 लाख रुपये की लागत से इस परियोजना को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता सूची में शामिल इस केंद्र का कई बार ट्रायल रन हो चुका है। पदभार ग्रहण करने के बाद नई जिलाधिकारी ने स्वयं स्थल निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा की और गुणवत्ता को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

योजना है कि मुख्यमंत्री के हाथों इसका लोकार्पण कराया जाए।केंद्र को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जा रहा है। यहां लेजर शो के माध्यम से रामायण की भव्य प्रस्तुति मुख्य आकर्षण होगी, जिससे दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

साथ ही ध्वनि और प्रकाश प्रभावों के जरिए बक्सर के गौरवशाली इतिहास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत की डिजिटल प्रस्तुति दी जाएगी। इससे यह स्थल मनोरंजन के साथ-साथ नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।परिसर के मध्य एक सुसज्जित रंगमंच का निर्माण किया जा रहा है, जहां नाट्य मंचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन आयोजित किए जा सकेंगे। पूरे परिसर में आकर्षक लॉन, फूलों की क्यारियां और सुव्यवस्थित लैंडस्केपिंग विकसित की जा रही है। आधुनिक प्रकाश व्यवस्था के साथ शाम के समय यह स्थल शहर का प्रमुख आकर्षण बनने की ओर अग्रसर है।पूर्व में भी इस केंद्र के जीर्णोद्धार पर राशि खर्च की गई थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका। इस बार प्रशासन ने सुनियोजित ढंग से वास्तुविद की देखरेख में ब्लूप्रिंट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू कराया है।

सहायक वास्तुविद अनमोल रतन के अनुसार, साइट प्लान और स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए कार्य कराया जा रहा है, ताकि केंद्र की दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित हो सके।दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 200 लोगों के बैठने की समुचित व्यवस्था की जा रही है।
आरामदायक सीटिंग संरचना के साथ पर्याप्त पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग वीआईपी लाउंज, गार्ड रूम तथा अन्य आवश्यक कक्षों का निर्माण भी योजना में शामिल है।
नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता राजन कुमार, सहायक अभियंता वंदना कुमारी और कनीय अभियंता प्रतीक कुमार की देखरेख में सिविल कार्य तेजी से चल रहा है।
प्रशासन का दावा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। पूर्व लोक अभियोजक एवं नीतीश कुमार विचार मंच के संस्थापक नंद गोपाल प्रसाद का मानना है कि ध्वनि एवं प्रकाश केंद्र बक्सर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देगा।

स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि इस बार यह केंद्र अपने उद्देश्य को सार्थक करते हुए शहर के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
