फोरलेन पर रफ्तार का कहर: 60 दिनों में 20 की मौत, ओवरस्पीड और लापरवाही बनी बड़ी वजह।

बक्सर। शहर से गुजरने वाली फोरलेन सड़क पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी लगातार जानलेवा साबित हो रही है।

बीते 60 दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में अधिकांश बाइक सवार हैं, जिनमें युवाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार फोरलेन पर गति सीमा निर्धारित होने के बावजूद उसकी प्रभावी निगरानी नहीं हो पा रही है। नियमित स्पीड चेकिंग और ओवरस्पीड पर सख्त कार्रवाई के अभाव में वाहन चालक मनमानी रफ्तार से गाड़ियां दौड़ा रहे हैं। खासकर बाइक सवार बिना हेलमेट और एक ही वाहन पर तीन-तीन लोगों को बैठाकर सफर करते नजर आते हैं, जो हादसों को खुला निमंत्रण दे रहा है।

यातायात विभाग द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। पुलिस भी हेलमेट जांच और अभियान के तहत कार्रवाई करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है। ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और गलत लेन में वाहन चलाना दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बन रही है। कई मामलों में नाबालिग भी वाहन चलाते पाए गए हैं, जिनके पास लाइसेंस तक नहीं होता।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लेन अनुशासन और गति सीमा का सख्ती से पालन कराया जाए तो हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फोरलेन पर नियमित पेट्रोलिंग, स्पीड गन से जांच और सघन चालान अभियान चलाने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

लगातार हो रहे हादसों से कई परिवारों के चिराग बुझ गए हैं और कई घरों की खुशियां उजड़ चुकी हैं। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन, पुलिस और आम नागरिक सभी मिलकर यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करें, तभी फोरलेन पर रफ्तार के इस कहर को रोका जा सकेगा।

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