संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही एक चौंकाने वाला विवाद सामने आ गया है।

301वीं रैंक को लेकर दो अलग-अलग राज्यों की दो युवतियों ने दावा ठोक दिया है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने 301वीं रैंक पर अपना दावा करते हुए कहा है कि उनके पास UPSC का एडमिट कार्ड और इंटरव्यू लेटर मौजूद है, जिससे यह साबित होता है कि यह रैंक उन्हीं की है। उनका आरोप है कि बिहार के आरा की रहने वाली एक लड़की उनकी पहचान का इस्तेमाल कर रही है और उसी आधार पर खुद को 301वीं रैंक हासिल करने वाली बता रही है।

वहीं दूसरी ओर, बिहार के आरा की रहने वाली आकांक्षा सिंह का कहना है कि 301वीं रैंक उन्हीं की है और उन्होंने अपनी मेहनत से यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि उनका अगला लक्ष्य भारतीय विदेश सेवा (IFS) में जाना है और वे इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती हैं।
दोनों युवतियों के दावों के बाद यह मामला सोशल मीडिया से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर UPSC की आधिकारिक सूची में दर्ज 301वीं रैंक वाली असली आकांक्षा सिंह कौन है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर संघ लोक सेवा आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आयोग से स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 301वीं रैंक पर चयनित उम्मीदवार वास्तव में कौन है।
इस विवाद ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पहचान की पुष्टि जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की निगाहें UPSC के आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं, जिससे इस पूरे विवाद की सच्चाई सामने आ सके।

