आरटीआई से घोटालों के खुलासे का दावा, भाजपा प्रवक्ता व कुछ शिक्षकों पर दलाली-उगाही के गंभीर आरोप।

बक्सर। जिले के शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सियासत तेज हो गई है। बक्सर सांसद पर लगाए गए आरोपों के जवाब में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उनके समर्थक अरविन्द सिंह और अजय सिंह ने एनडीए सरकार और शिक्षा विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बक्सर में विधायक के नाम पर शिक्षा विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसका खुलासा वे लगातार आरटीआई के माध्यम से करते आए हैं।

प्रेसवार्ता में अरविन्द सिंह ने कहा कि इसी वजह से उन्हें और बक्सर सांसद को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रवक्ता दीपक पांडेय अक्सर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) के चैंबर में आते-जाते रहते हैं और विधायक के नाम पर विभाग में दलाली करते हैं।
उन्होंने विधायक को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि यह साबित हो जाए कि वे शिक्षा विभाग में दलाली करते हैं तो वे जिला बदर होने के लिए तैयार हैं। अन्यथा विधायक स्पष्ट करें कि इस मामले में वे क्या कार्रवाई करेंगे।

सांसद के सहयोगी के रूप में उठाते रहेंगे आवाज।
अरविन्द सिंह ने कहा कि वे बक्सर सांसद के अधिकृत सहयोगी के रूप में शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों पर लगातार काम कर रहे हैं। विभाग में जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी, उसके खिलाफ वे लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करते रहेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने करीब साढ़े सात करोड़ रुपये के चावल घोटाले का खुलासा किया था। इस मामले में सात बीआरपी को बर्खास्त किया गया था और तत्कालीन डीपीओ सुरेश मंडल को पटना से गिरफ्तार कर बक्सर सेंट्रल जेल भेजा गया था, जहां उन्होंने छह महीने तक सजा भी काटी।

शिक्षकों से उगाही के भी लगाए आरोप।
प्रेसवार्ता के दौरान अरविन्द सिंह ने आरोप लगाया कि बक्सर डीईओ और डीपीओ का यूजर आईडी व पासवर्ड कुछ शिक्षक अपने घर से संचालित करते हैं। उन्होंने मध्य विद्यालय मिल्की के शिक्षक नवीन कुमार और तुफकपुरा में पदस्थापित शिक्षक रविंद्र रावत का नाम लेते हुए कहा कि ये लोग शिक्षकों से विभिन्न कार्यों के नाम पर पैसे वसूलते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्नातक में प्रमोशन दिलाने के नाम पर शिक्षकों से 40-40 हजार रुपये तक की उगाही की जाती है। साथ ही यह भी कहा कि कुछ शिक्षक स्कूल जाने के बजाय शिक्षा विभाग के अधिकारियों का काम संभालते हैं।

विधायक के करीबी लोगों पर भी निशाना।
अरविन्द सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि मंगलवार को शिक्षा विभाग में विधायक के साथ मौजूद लोग विधायक के नाम पर दबाव बनाकर विभाग में काम करवाते हैं और ठेकेदार की तरह भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विधायक के करीबी विनय उपाध्याय पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वे जिले के कई स्कूलों में मरम्मत और अन्य निर्माण कार्य करवाते हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान अरविन्द सिंह ने कहा कि वे आरटीआई और दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा विभाग में हो रही अनियमितताओं को उजागर करते रहेंगे।

