बक्सर । 1991 को स्थापित बक्सर जिले का 36वां स्थापना दिवस शहर में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ज्योति चौक स्थित तनिष्क शोरूम में भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

समारोह को संबोधित करते हुए तनिष्क बक्सर के बिज़नेस एसोसिएट दीपक पाण्डेय ने सभी उपस्थित लोगों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में बक्सर के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रही है।
उन्होंने बताया कि 26 जून 1539 को चौसा के मैदान में मुगल सम्राट हुमायूँ और अफगान शासक शेरशाह सूरी के बीच ऐतिहासिक युद्ध हुआ था, जो भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। गंगा तट पर बसे इस जिले का प्राचीन नाम ‘व्याघ्रसर’ था, जहां कभी बाघों का वास हुआ करता था। साथ ही, यह भूमि महर्षि विश्वामित्र के आश्रम के रूप में भी विख्यात रही है, जहां भगवान राम और लक्ष्मण ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।
इसके बाद तनिष्क बक्सर के स्टोर मैनेजर आदित्य पाण्डेय ने भी उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं देते हुए ग्राहकों के लिए चल रहे विशेष ऑफर्स की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुराने सोने के आभूषणों के एक्सचेंज पर आकर्षक लाभ दिया जा रहा है, चाहे वह किसी भी ज्वेलर से खरीदा गया हो।
इसके साथ ही 4 लाख या उससे अधिक की खरीद पर मेकिंग चार्ज में ₹200 से ₹600 प्रति ग्राम तक की छूट दी जा रही है, जबकि हीरे के आभूषणों पर 15% से 30% तक का विशेष डिस्काउंट भी उपलब्ध है।
ओल्ड गोल्ड एक्सचेंज योजना के तहत ग्राहकों को अपने पुराने आभूषणों का पारदर्शी मूल्यांकन कर बाजार दर पर बेहतर कीमत पाने का अवसर मिल रहा है।
इसके अतिरिक्त, 11 मार्च से 22 अप्रैल 2026 तक चल रहे “बेस्ट गोल्ड रेट ऑफर” के तहत ग्राहकों को बुकिंग और बिलिंग तिथि के बीच जो भी सोने का भाव कम होगा, वही दर लागू की जाएगी। इस योजना से ग्राहकों को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं रहेगा।
आगामी अक्षय तृतीया के मौके पर ग्राहक इस ऑफर का विशेष लाभ उठा सकते हैं, जिसके लिए मात्र 25% राशि देकर बुकिंग कराना आवश्यक है।
समारोह में उपस्थित लोगों ने बक्सर की ऐतिहासिक विरासत पर गर्व व्यक्त करते हुए इस आयोजन को यादगार बताया।

